#गिलोय_के_फायदे।
आयुर्वेद में अमृत की संज्ञा प्राप्त गिलोय अकेले सौ बिमारियों का इलाज हैं।
इस बहुवर्षिय लते के पत्ते पान के पत्ते की तरह होते हैं। आयुर्वेद में इसको कई नामों से जाना जाता है अमृता, गुडुची, छिन्नरुहा, चक्रांगी । इसके हर नाम इसमें मौजूद किसी गुणकारी तत्वो की वजह से हैं।
'बहुवर्षायु तथा अमृत के समान गुणकारी होने से इसका नाम अमृता है।'
आपको जानकर हैरानी होगी की गिलोय जिस पौधें को आधार बनाता है उसमें भी इसके गुण समाहित हो जाते हैं ।
यही वजह हैं की नीम पर चढ़ी गिलोय को सर्वश्रेष्ठ औषधि माना जाता है।
इसकी लता जंगलों, खेतों की मेड़ों, पहाड़ों की चट्टानों आदि स्थानों पर सामान्यतः कुण्डलाकार चढ़ती पाई जाती है।
🌿गिलोय घनवटी के फायदे :
1)रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है :बहुत से लोग हमें ऐसे मिलते है जिसे कोई ना कोई बीमारी की हमेशा शिकायत रहती है। उसे रोज कोई ना कोई रोग रहता है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो आप समझ जाना कि आपकी शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है। अगर व्यक्ति नियमित तौर पर गिलोय घनवटी का उपयोग शरू कर दे तो उसके रक्त में सुधार होगा जिससे उसकी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। अगर रोगप्रतिरोधक क्षमता इम्प्रूव होगी तो व्यक्ति बीमार नहीं पड़ेगा।
2) 🌱चेहरे के दाग धब्बे मिटाने में उपयोगी:कई बार व्यक्ति के चहरे पर दाग धब्बे दिखाई देता है उनके कारण व्यक्ति की सुंदरता कम हो जाती है।यदि गिलोय का सेवन हम नियमित सेवन शरू कर दे तो गिलोय में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण के कारण हमारी त्वचा को मुलायम एवम सुंदर बनाने में बहुत मदद करता है।
3) 🌺रक्त की शुद्धि और रक्त को साफ करने में उपयोगी:अगर हमारे शरीर का रक्त साफ रहे तो हम लंबे वक्त तक निरोगी जीवन जी सकते है। गिलोय घनवटी मे मौजूद एंटी-ओक्सिडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण हमारे शरीर के रक्त को पूरी तरह शुद्ध बनाता है।जिससे हमारे शरीर को कैंसर जैसे बड़े से बड़े रोग में भी राहत मिलती है।
4) 🍂यकृत (लिवर ) के रक्षक का कार्य: यकृत और लिवर यह दोनों अंग हमारे शरीर मे बहुत महत्व रखते है। ऐसा पाया गया है कि जो व्यक्ति 100 साल या उससे भी ज्यादा जिया है उसका यकृत और लिवर बहुत अच्छे से काम करते थे। गिलोय में मौजूद गुण के कारण यह हमारे यकृत और लिवर को सही करने का काम करता है। गिलोय से यकृत और लिवर दोनों को शक्ति मिलेगी।
5) 🌵मधुमेह के रोगी के लिए वरदान: एक संशोधन में ऐसा पाया गया कि रोजाना 1 चमच गिलोय का सेवन करने वाला मधुमेह का रोगी अपना शुगर कंट्रोल कर पाने में कामयाब रहा था।
6)🌿 बुखार में फ़ायदाकारक: जो लोग रोजाना गिलोय का उपयोग करते है उसे बुखार होने की संभावना बहुत कम हो जाती है। कैसा भी बुखार हो गिलोय घनवटी का उपयोग करके बुखार ठीक किया जा सकता है। वो स्वाइन फ्लू का बुखार हो या डेंगू का बुखार हो गिलोय सब प्रकार के बुखार में फायदाकारक है।
7) 💐अन्य लाभ : शरीर मे सूजन, शारिरिक कमजोरी और शरीर को शक्ति प्रदान करने में फ़ायदाकारक है।
विशेषज्ञों का मानना है की किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को एक ग्राम से अधिक सेवन नहीं करना चाहिए वही बच्चों को इसका सेवन की मनाही होती हैं।