पुदीना_की_खेती

#पुदीना_की_खेती
#पुदीना_के_फायदे


भीनी-भीनी खुशबू ,गहरा हरा चटख रंग और औषधीय गुणों से परिपूर्ण पुदीना हमारे घरेलू नुस्खे का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह 70 से भी अधिक बीमारियों को दूर भगाने में सहायक होता है।
इसे लगाना बेहद ही आसान होता है। क्योंकि इसके पौधों में ना तो कीड़े लगने की समस्या हैं और ना ही इसे बरसात से कोई परेशानी होती हैं। विशेष तेज सुगंध के कारण जानवर भी इसे नुकसान नहीं पहुंचा पाते हैं। आप अपने घर में भी एक फूल के गमले में इसका पौधा लगा सकते हैं जिससे आपको घरेलू उपयोग में सुविधा होगी।

पुदीना मेंथा वंश से संबंधित एक बारहमासी, खुशबूदार जड़ी है इसका उपयोग बड़ी मात्रा में दवाईयों, सौंदर्य प्रसाधनों, कालफेक्शनरी, पेय पदार्थो, सिगरेट, पान मसाला आदि में खुशबू हेतु किया जाता है।

पुदीने के फायदे।
 1 पुदीने के ताजे पत्तों को मसलकर मूर्छित व्यक्ति को सुंघाने से मूर्छा दूर होती है।

2 आंत्रकृमि में पुदीने का रस दें। अजीर्ण होने पर पुदीने का रस पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है।

3 पेटदर्द और अरुचि में 3 ग्राम पुदीने के रस में जीरा, हींग, कालीमिर्च, कुछ नमक डालकर गर्म करके पीने से लाभ होता है।
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4 प्रसव के समय पुदीने का रस पिलाने से प्रसव आसानी से हो जाता है।
5 बिच्छू या बर्रे के दंश स्थान पर पुदीने का अर्क लगाने से यह विष को खींच लेता है और दर्द को भी शांत करता है।
6 दस ग्राम पुदीना व बीस ग्राम गुड़ दो सौ ग्राम पानी में उबालकर पिलाने से बार-बार उछलने वाली पित्ती ठीक हो जाती है।
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7 पुदीने को पानी में उबालकर थोड़ी चीनी मिलाकर उसे गर्म-गर्म चाय की तरह पीने से बुखार दूर होकर बुखार के कारण आई निर्बलता भी दूर होती है।
8  धनिया, सौंफ व जीरा समभाग में लेकर उसे भिगोकर पीस लें। फिर 100 ग्राम पानी मिलाकर छान लें। इसमें पुदीने का अर्क मिलाकर पीने से उल्टी का शमन होता है।
9  पुदीने के पत्तों को पीसकर शहद के साथ मिलाकर दिन में तीन बार चाटने से अतिसार सें राहत मिलती है।
10  तलवे में गर्मी के कारण आग पड़ने पर पुदीने का रस लगाना लाभकारी होता है।
11  हरे पुदीने की 20-25 पत्तियां, मिश्री व सौंफ 10-10 ग्राम और कालीमिर्च 2-3 दाने इन सबको पीस लें और सूती, साफ कपड़े में रखकर निचोड़ लें। इस रस की एक चम्मच मात्रा लेकर एक कप कुनकुने पानी में डालकर पीने से हिचकी बंद हो जाती है।

12  ताजा-हरा पुदीना पीसकर चेहरे पर बीस मिनट तक लगा लें। फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें। यह त्वचा की गर्मी निकाल देता है।
13  हरा पुदीना पीसकर उसमें नींबू के रस की दो-तीन बूंद डालकर चेहरे पर लेप करें। कुछ देर लगा रहने दें। बाद में चेहरा ठंडे पानी से धो डालें। कुछ दिनों के प्रयोग से मुंहासे दूर हो जाएंगे तथा चेहरे की कांति खिल उठेगी।
14  पुदीने का सत निकालकर साबुन के पानी में घोलकर सिर पर डालें। 15-20 मिनट तक सिर में लगा रहने दें। बाद में सिर को जल से धो लें। दो-तीन बार इस प्रयोग को करने से बालों में पड़ गई जुएं मर जाएंगी।
15  हैजे में पुदीना, प्याज का रस, नींबू का रस बराबर-बराबर मात्रा में मिलाकर पिलाने से लाभ होता है। उल्टी-दस्त, हैजा हो तो आधा कप पुदीना का रस हर दो घंटे से रोगी को पिलाएं।
16  पुदीने और सौंठ का क्वाथ बनाकर पीने से सर्दी के कारण होने वाले बुखार में राहत मिलती है।
पुदीने की खेती
इसकी खेती करना बेहद ही आसान है।
इसकी बुवाई के लिए इसके पौधों का जड़ लगाना पड़ता है।
जड़ की बुवाई होने के बाद फसल 60 से 70 दिन में बाजार में पहुंच जाती है। इस फसल में किसी प्रकार का कोई रसायन नहीं डालना पडता है। यह मेथी की तरह तीन से चार-बार काटा जाता है। बाजार में इसका भाव ₹20 से लेकर ₹30 तक किलो है। एक हेक्टेयर में एक किसान एक लाख रुपये से सवा लाख रुपए का मुनाफा उठा लेते हैं।

पहले पुदीना की उत्पत्ति पहाड़ी इलाकों में अधिक होती थी, लेकिन अब प्रदेश के प्रत्येक जिले में किसान इसकी फसल कर रहे हैं। एक बार लगाई पुदीने की बेल से तीन से चार बार काट कर बाजार में ले जाया जाता है। पुदीना का प्रयोग कढ़ी और काढ़ा बनाने में किया जाता है। दाल-साग आदि में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

पुदीना हरा और ताजा पाने के लिए ऐसा नहीं है कि खेत पर ही लेने जाया जाए। आपके घर में जहां फूलों के गमले रखे हैं, वहां गमले में पुदीना लगा सकते हैं। लॉन में बड़े गमलों में लगा लें। पुदीने की जड़ किसी भी फूलों वाले गमले लगा दें, वह स्वत: निकल आएगी। पुदीना के पत्तों से भीनी-भीनी सुगंध आती रहती है।

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