#गुड़हल_के_खेती_और_फायदे
कुदरती चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण अंग है गुड़हल ।यह गांव-शहर-कस्बों के घर,आंगन मंदिर, पार्क और कई जगहों पर देखने के लिए मिल जाता है। गुड़हल के कई सारे आध्यात्मिक उपयोग हैं । इसमें मौजूद स्वास्थवर्धक गुणें भी बाकमाल होती है।
गुड़हल फूल के फायदे।
गुड़हल का फूल (gudhal ka phool) कई रंगों का होता है। लाल, गुलाबी गुड़हल तो आपको हर जगह देखने को मिल जायेंगे। गुड़हल का फूल बालों के लिए फायदेमंद होता है, साथ ही साथ आपके सेक्स लाइफ की समस्यायों को भी पल भर में दूर कर देता है। आइये विस्तार से जानते हैं इसके चमत्कारी प्रभावों के बारे मे
ब्लडप्रेशर को करे नियंत्रित
अगर आप हाई ब्लडप्रेशर के मरीज हैं तो आपके घर में गुड़हल का पौधा होना ही चाहिए। यह ब्लडप्रेशर में बहुत ही फायदेमंद होता है। इसकी मदद से आप कम कीमत में इस रोग पर नियंत्रण पा सकते हैं। कई शोधों से यह स्पष्ट हुआ है कि गुड़हल का फूल हाई ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करके दिल की होने वाली बिमारियों की सम्भावना को कम करता है। जब गुड़हल (gudhal ka phool) इतना लाभकारी है तो हर व्यक्ति को अपने घर में एक गुड़हल का पौधा जरुर लगाना चाहिए। (यह भी पढ़ें – हाई ब्लड प्रेशर के कारण)
खरोंच और कटे हुए को ठीक करे
आज हर जगह लोहे और कांच की वस्तु रहती है, ऐसे में घर के बच्चों को हर रोज कोई ना कोई चोट लगी ही रहती है। कभी- कभी घर की महिलाओं को भी रसोई में काम करते वक़्त चोट लग जाती है या सब्जी काटते वक़्त हाथ कट जाता है। ऐसे में ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं है, बस गुड़हल (gudhal ka phool) के पत्ते को पीसकर उसका लेप प्रभावित जगह पर लगा लें। इससे घाव बहुत तेजी से भरता है।
कम करे कॉलेस्ट्राल
आज के समय में बहुत कम ही लोग हैं जो शारीरिक मेहनत करते हैं। ऐसे में उनके अन्दर कॉलेस्ट्राल इकठ्ठा हो जाता है। जब आपके शरीर में कॉलेस्ट्राल ज्यादा हो जाता है तो आपको दिल की बीमारी होने का खतरा होता है। एक शोध में यह बात पता चली है कि 1 ग्राम गुड़हल के पत्ते का रस वेट और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल दोनों को नियंत्रित कर सकता है।
सूजन और पेट दर्द कम करे
जैसा कि पहले ही बताया गया था गुड़हल का पेड़ अनेक औषधीय गुणों से भरा होता है। इसके फूलों के साथ ही साथ इसके पत्ते भी बहुत काम के होते हैं। पेटदर्द बहुत ही सामान्य बीमारी होती है जो कुछ भी उल्टा सीधा खा लेने से हर किसी को हो सकती है। इसके पत्तों में फ्लेवनॉयड और पॉलीफेनॉल होता है। यह इंसान के शरीर में किसी भी तरह के सूजन और दर्द में बहुत ही लाभकारी होता है। इसलिए हर घर में गुड़हल (gudhal ka phool) का एक पेड़ तो होने ही चाहिए. क्या पता कब किसे पेट दर्द हो जाए।
दोमट मिट्टी उत्तम...गुड़हल के पौधे लगाने के लिए दोमट मिट्टी को उत्तम माना गया है। इसको चिकनी मिट्टी के साथ-साथ लाल मिट्टी में भी लगाया जा सकता है। इसमें भी इसकी पैदावार तेजी से होती है। अगर इसको लाल मिट्टी में लगाया जाए तो इसके फूल बहुत ही अच्छे होते हैं। इसके अलावा इसके किसी तरह की मिट्टी में भी लगाया जा सकता है।
गुड़हल की किस्में
देशी गुड़हल के अलावा इसकी कई किस्में होती है। देशी गुड़हल, बेंगलुरु गुड़हल,कोलकाता गुड़हल, इंग्लिश गुड़हल,अमरीकन गुड़हल नाम की कई किस्में देखने को मिलती हैं।
गोबर की खाद से अच्छे फूल देता है गुड़हल का पेड़
गुड़हल को लगाने के बाद इसमें आर्गेनिक खाद का प्रयोग करना चाहिए। इससे गुड़हल का पेड़ तेजी से फैलता है और इसके साथ ही इसमें फूल भी अच्छे लगते हैं। इमसें गोबर खाद का अगर प्रयोग समय-समय पर किया जाए तो यह पौधा जल्द ही विशाल पेड़ का रूप ले लेता है। इसमें गोबर खाद डालने के लिए कम से कम 12 से 15 दिन का अंतर होना बहुत ही जरूरी है। अगर इसको धूप मिलती रहे तो इसका विकास बढ़िया तरीके से होता है। केले के छिलके से बनाया गया फर्टीलाइजर गुड़हल के वृक्ष के लिए अगर इस्तेमाल किया जाए तो यह बहुत ही बढ़िया रहता है। इसका प्रयोग अगर महीने में दो बार कर दिया जाए तो इसमें बहुत जल्दी फूल आने लगते हैं।
Gardener dost