अपराजिता फूल

#अपराजिता: इस मनमोहक फूल के दिव्य औषधीय गुण जानने लायक है !

अपराजिता के नीले-उजले फूल  बड़े आकर्षक दिखते हैं । हमारे घर, बाग-बगीचे और पार्कों की खूबसूरती बढ़ाता अपराजिता वाकई में एक बेजोड़ पौधा है।

आयुर्वेद के अलावे हिंदू धर्म में भी इसका अच्छा खासा महत्व है।प्राचीन समय में एक टोटका भी काफी मशहूर था की अगर आप नदी में पांच अपराजिता के फूल अर्पण करते हैं तो आपको कभी भी धन की कमी नहीं होगी!बरहहाल आयुर्वेद के मुताबिक, अपराजिता कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में सक्षम होता है और यह दिमागी क्षमता को बढ़ाने का भी कार्य करता है। यह पौधा भारत और आसपास के देशों में आसानी से मिल जाता है।

उपयोग

आवाज एक पहल

रेस्पिरेटरी सिस्टम को स्वस्थ बनाने के लिए

अपराजिता में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-स्ट्रेस, एंटी-डिप्रेसेंट, एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जिस वजह से जीवाणु, तनाव की समस्या, अवसाद की समस्या, रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में सूजन आदि की वजह से होने वाली खांसी, जुकाम, अस्थमा जैसी समस्याओं में यह हर्बल सप्लीमेंट काफी उपयोगी होता है। इससे बना हुआ काढ़ा गले की खराश आदि कई समस्याओं के निवारण में मदद करता है। इसलिए, उम्र बढ़ने की वजह से लोगों को होने वाली इन समस्याओं के इलाज या बचाव में इस्तेमाल किया जा सकता है।


माइग्रेन के दर्द से राहत

जैसा कि हमने बताया कि, तनाव और अवसाद के कारण माइग्रेन की समस्या होती है। इसलिए, अपराजिता का इस्तेमाल माइग्रेन की समस्या और उसके लक्षणों से राहत पाने के लिए किया जा सकता है। इस समस्या से राहत पाने के लिए इस जड़ी-बूटी को कान पर भी बांधा जाता है और इसके बीज, जड़ आदि का अलग से भी उपयोग किया जाता है।


पाचन तंत्र के लिए लाभदायक

अपराजिता में एंटीएमेटिक्स, एंटीडिस्पेप्टिक और माइल्ड लैक्सेटिव गुण होते हैं, जिस वजह से यह पाचन तंत्र के लिए काफी लाभदायक होता है। क्योंकि, इससे पेट की आम समस्याएं, जैसे अपच, उल्टी, कब्ज, पीलिया और बवासीर जैसे रोगों में राहत मिलती है। इसके अलावा, यह पाइलोरस ड्यूडेनम के अल्सर के लिए भी आरामदायक साबित होता है।


नर्वस सिस्टम

यह हर्बल सप्लीमेंट नर्वस सिस्टम के लिए भी उपयोगी होता है, क्योंकि यह दिमाग को शांत और सहज रखने में मदद करता है। जिससे मानसिक थकान और कमजोरी की समस्या कम होती है।


सूजन और दर्द में राहत देने वाला

अपराजिता में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण किसी भी कारण से हो रही सूजन व दर्द में लाभदायक होते हैं। जिस वजह से यह खूनी बवासीर की समस्या में भी रोगी को राहत प्रदान करते हैं। इसका सप्लीमेंट या औषधि के रूप में सेवन या अंग पर इस्तेमाल करने से अर्थराइटिस जैसे रोग की वजह से होने वाले दर्द में भी राहत मिलती है।


घावों को धोने के लिए

किसी भी चीज से चोट या घाव होने पर उसमें सूजन, दर्द व इंफेक्शन होने का खतरा काफी ज्यादा होता है। लेकिन, अपराजिता से बने काढ़े से आप चोट या घाव को धोकर सूजन, दर्द व इंफेक्शन के डर से राहत पा सकते हैं। क्योंकि, इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण न सिर्फ सूजन, दर्द और इंफेक्शन के डर को कम करते हैं, बल्कि उसमें पस होने से भी बचाव करते हैं।


अपराजिता हर्ब के अन्य उपयोग-

आवाज बेहतर करने के लिए

आंखों की रोशनी के लिए

डायरिया की समस्या

पुरुषों में इनफर्टिलिटी के लिए

स्मॉलपॉक्स की समस्या

याद्दाश्त और दिमागी क्षमता बढ़ाने के लिए

स्किन डिजीज के लिए

डिटॉक्स करने के लिए

दांत दर्द

पेशाब की बीमारी

सफेद दाग की समस्या

सिर दर्द से राहत के लिए

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए

और पढ़ें- Khat: खट क्या है?


अपराजिता का उपयोग कितना सुरक्षित है?

अपराजिता का उपयोग वैसे सुरक्षित माना जाता है, लेकिन फिर भी किसी भी जड़ी-बूटी के सेवन या इस्तेमाल के दौरान कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। जैसे, अगर आप अस्थमा, किडनी रोग या दिल की बीमारी जैसे किसी क्रॉनिक बीमारी का सामना कर रहे हैं, तो आपको किसी भी हर्बल सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से संपर्क जरूर कर लेना चाहिए। अगर आप किसी एलोपैथिक दवा का सेवन कर रहे हैं, तो पहले उसी का सेवन करें और उसके 30 मिनट बाद ही हर्बल सप्लीमेंट का सेवन करें।

Gardener dost

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